Dainik Bhaskar Hindi - bhaskarhindi.com, दिल्ली। कोरोना महामारी ने दुनियाभर में बेरोजगारी के आंकड़ें बढ़ा दिए है।आए दिन हजारों लोग अपनी नौकरी गवां रहे है। घर बैठकर तैयारी करने वाले युवाओं का हौसला भी टूटता जा रहा हैं, क्योंकि भारत में कोरोना की दूसरी लहर को देखते हुए सभी परीक्षाएं फिलहाल स्थगित कर दी गई है। लेकिन जो लोग सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं उनके लिए पुलिस विभाग में भर्ती का सुनहरा अवसर हैं आप चाहे तो घर बैठे अप्लाई कर सकते हैं। दरअसल, उत्तर प्रदेश पुलिस रिक्रूटमेंट और प्रमोशन बोर्ड ने सब-इंस्पेक्टर (कॉन्फिडेंसियल), असिस्टेंट पुलिस सब-इंस्पेक्टर (क्लर्क) और पुलिस सब-इंस्पेक्टर के पदों पर बंपर भर्ती निकाली है। हालांकि, भर्ती के लिए नोटिफिकेशन पहले ही जारी कर दिए गए थे। अब इन पदों में अप्लाई करने की तारीख बढ़ा दी गई है। जो भी लोग पुलिस विभाग में भर्ती होना चाहते हैं वो 15 जून तक घर बैठे ऑनलाइन अप्लाई कर सकते है।
जानकारी विस्तार से
इन पदों के लिए आप 15 जून के पहले अप्लाई कर दें। योग्यता की बात करें तो आवेदन कर्ता के पास किसी भी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन की डिग्री होना चाहिए।बता दें कि, ग्रैजुएशन की डिग्री किसी भी स्ट्रीम की हो सकती है। स्ट्रीम का इसमें कोई फर्क नहीं पड़ेगा। इसके अलावा आवेदनकर्ता को हिंदी टाइपिंग में 25 WPM और अंग्रेजी टाइपिंग 30 WPM की स्पीड के साथ O स्तर की परीक्षा में पास होना अनिवार्य होगा। ये इन पदों के लिए जरुरी है। कैंडिडेट्स की उम्र कम से कम 21 साल और ज्यादा से ज्यादा 28 साल होनी चाहिए। इससे कम और ज्यादा के लोग अप्लाई नहीं कर सकते है।
अब बात सिलेक्शन प्रोसेस की। आप जब फॉर्म अप्लाई कर देंगे तो, आपका सिलेक्शन कुछ इस तरह लिया जाएगा। सबसे पहले आपकी लिखित परीक्षा होगी। उसके बाद डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन, पीएसटी, कंप्यूटर टाइपिंग, स्टेनोग्राफी टेस्ट, मेडिकल टेस्ट और पर्सनालिटी टेस्ट के बाद ही किसी भी कैंडिडेट्स का चयन किया जाएगा। बता दें कि, 1 मई से आवेदन के लिए पोर्टल खोल दिया गया है और 15 जून को बंद भी कर दिया जाएगा। इसलिए जल्दी करें। कहीं ये अवसर हाथ से न निकल जाए। सैलरी की बात करें तो, सलेक्ट हुए कैंडिडेट्स को हर महीनें 5200 रुपए से लेकर 34800 रुपए तक की सैलरी दी जाएगी। ज्यादा जानकारी के लिए सभी इच्छुक कैंडिडेट्स ऑफिशियल वेबसाइट में विजिट कर सकते है।
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Dainik Bhaskar Hindi - bhaskarhindi.com, नई दिल्ली। कोरोनावायरस (Coronavirus) की दूसरी लहर का बड़ा असर पूरी दुनिया में देखने को मिला है। हालांकि अच्छी खबर यह कि कोविड-19 (Covid-19) संक्रमण की दूसरी लहर का असर अब कुछ कम होते नजर आने लगा है। भारत में बीते दिनों जहां प्रतिदिन नए मामलों की संख्या चार लाख के आंकड़े को पार कर गयी थी, वह अब घटकर डेढ़ लाख के करीब आ पहुंची है। बात करें बीते 24 घंटों की तो यहां कोविड-19 के 1,52,734 नए मामले सामने आए हैं। जिसके बाद कुल मामलों की संख्या 12 करोड़ 80 लाख 47 हजार 534 हो गई है।
हालांकि, देखा जाए तो नए मामलों की संख्या बीते 50 दिनों में सबसे कम है, जो यह दर्शाता है कि देश में नए मामलों में कमी आई है। वहीं मौतों के आंकड़ों पर गौर करें तो यह अब भी 3 हजार प्रतिदिन के करीब बना हुआ है। 24 घंटे में देश में 3,128 लोगों ने अपनी जिंदगी खो दी है। इसी के साथ देश में कोरोना के कारण मरने वाले लोगों की संख्या 3 लाख 29 हजार 100 हो गई है।
महाराष्ट्र में अब 15 जून तक लॉकडाउन, ज़रूरी सामान की दुकान खोलने का वक्त बढ़ाया गया
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, 24 घंटों के दौरान कोरोनावायरस के 1 लाख 52 हजार 734 नए मामले सामने आए हैं। वहीं 3 हजार 128 लोगों की मौत हुई है। हालांकि अच्छी बात यह कि इसी समय में 2 लाख 8 हजार 022 लोग इस बीमारी से ठीक हुए हैं। इसी के साथ देश में बीमारी से उबर चुके लोगों की कुल संख्या 2 करोड़ 56 लाख 92 हजार 342 हो गई है। हालांकि अभी 20 लाख 26 हजार 092 सक्रिय मामले हैं।
India reports 1,52,734 new #COVID19 cases, 2,38,022 discharges & 3,128 deaths in last 24 hrs, as per Health Ministry
— ANI (@ANI) May 31, 2021
Total cases: 2,80,47,534
Total discharges: 2,56,92,342
Death toll: 3,29,100
Active cases: 20,26,092
Total vaccination: 21,31,54,129 pic.twitter.com/FVhbrhYMgY
क्या कहते हैं आंकड़े
आंकड़ों के अनुसार, कोविड-19 के एक्टिव मरीजों की संख्या कुल मामलों का 7.22 प्रतिशत है। वहीं मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर भी बढ़कर 91.60 प्रतिशत हो गई है। जबकि कोविड-19 से मृत्यु दर 1.17 प्रतिशत है।
रोजाना आने वाले नए मामलों की दर अब 9.07 प्रतिशत है, जो लगातार सात दिनों से 10 प्रतिशत से कम बनी है। वहीं, संक्रमण की साप्ताहिक दर भी कम होकर 9.04 प्रतिशत हो गई है।
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Dainik Bhaskar Hindi - bhaskarhindi.com, दिल्ली। कोरोना महामारी की दूसरी लहर अभी खत्म भी नहीं हुई कि तीसरी लहर को लेकर चेतावनी भी जारी कर दी गई है। मौत का आंकड़ा आए दिन बढ़ता जा रहा है। देश की बिगड़ती हालत को देखते हुए तमाम परीक्षाएं रद्द कर दी गई है। हालांकि CBSE 12वीं की परीक्षाओं को लेकर मंथन अब भी जारी है। इस बीच सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले कैंडिडेट्स के लिए मेडिकल विभाग में बंपर भर्तियां निकली है। आपको जल्द ही इसके लिए अप्लाई करना होगा ताकि अंतिम तारीख से पहले आप एग्जाम देने से वंचित न रह जाए। दरअसल, नेशनल स्वास्थ्य मिशन (NHM), मध्यप्रदेश ने कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (CHO) के पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिए हैं। इच्छुक कैंडिडेट्स ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर ज्यादा जानकारी ले सकते है। बता दें कि,कुल 2850 पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेश दिया गया है। हालांकि, इस भर्ती के तहत 6 महीने की संविदा नियुक्ति होगी। याद रखें कि, ऑनलाइन अप्लाई करने की अंतिम तारीख 31 मई 2021 है।
जानकारी विस्तार से
कुल 2850 पदों के इस रिक्रूटमेंट ड्राइव के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया 15 मई से ही शुरु हो गई थी और आप इसे 31 मई तक अप्लाई कर सकते है। इस फॉर्म को अप्लाई करने वाले कैंडिडेट्स के पास बीएससी नर्सिंग/पोस्ट बेसिक बीएससी (नर्सिंग)/जीएनएम/बीएएमएस के पास होने का सर्टिफिकेट रहना अनिवार्य है। लॉकडाउन में अगर आप बेरोजगार हो चुके है और आपके पास ये अनिवार्य डिग्रिया मौजूद हैं तो, आपको बिना किसी देरी के इस फॉर्म को अप्लाई करना चाहिए। इससे आपका अनुभव भी बढ़ेगा और आने वाले दिनों में आपके पास अच्छी जगह काम करने के कई अवसर भी आ सकते है।
इन पदों के लिए आपकी उम्र कम से कम 21 साल और ज्यादा से ज्यादा 40 साल होनी चाहिए। इससे ज्यादा जानकारी के लिए आप ऑफिशियल वेबसाइट पर विजिट कर सकते है। बता दें कि, CHO के पदों पर सिलेक्ट हुए कैंडिडेट्स को हर महीनें सैलरी के तौर पर 25000 रुपए दी जाएगी।
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Dainik Bhaskar Hindi - bhaskarhindi.com, नई दिल्ली। कोरोनावायरस (coronavirus) की दूसरी लहर ने इन दिनों कई देशों में अपना कहर बरपा रखा है। इस वायरस से लड़ाई के लिए वैक्सीन अधिकांश देशों में उपलब्ध हो जाने के बावजूद नए वेरिएंट सामने आ रहे हैं। ऐसे में मरीजों की संख्या निरंतर बढ़ रही है। हालात यह हैं कि अब तक पूरी दुनिया में इस महामारी से जूझ रहे लोगों की संख्या 16.85 करोड़ के पार पहुंच गई है। जबकि मौतों का आंकड़ा भी कम नहीं है, इस वायरस ने लाखों की सांसें छीन ली हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, कोविड- 19 से संक्रमित होने के बाद अब तक कुल 35.0 लाख लोगों ने दम तोड़ दिया है। ये आंकड़े विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा दर्शाए गए हैं, जो शनिवार सुबह तक के हैं।
Covid-19 India: कम हुआ कोरोना का प्रभाव! बीते 24 घंटे में 1.73 लाख मामले सामने आए
आंकड़ों पर गौर किया जाए तो डब्ल्यूएचओ के अनुसार, विश्व में इस महामारी से अब तक संक्रमित हुए कुल मरीजों की तो इनकी संख्या बढ़कर 16 करोड़ 85 लाख 99 हजार 045 के पार जा पहुंच गई है। जबकि मौतों की संख्या बढ़कर 35 लाख 07 हजार 477 हो गई है।
इस रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया में सर्वाधिक प्रभावित देशों में अब भी संयुक्त राष्ट्र अमेरिका का नाम सबसे ऊपर है। इस वायरस से यहां अब तक 3 करोड़ 28 लाख 69 हजार 009 लोग इस महामारी के शिकार हुए हैं। वहीं 5 लाख 86 हजार 890 लोग काल के गाल में समा गए हैं।
जबकि भारत में कोरोनावायरस के लगातार बढ़ते मरीजों के चलते यह दुनिया का सबसे ज्यादा प्रभावित दूसरा देश बना हुआ है। यहां अब तक 3 लाख 22 हजार 512 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं 2 करोड़ 77 लाख 29 हजार 247 लोग इससे ग्रसित हैं। जबकि मौतों के मामले में 4 लाख 54 हजार 429 संख्या के साथ ब्राजील दूसरे स्थान पर है।
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डब्ल्यूएचओ के आंकड़ों के अनुसार, 30 लाख से अधिक मामलों वाले अन्य देश:
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देश का नाम |
कुल संक्रमितों का आंकड़ा |
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ब्राजील |
16,274,695 |
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फ्रांस |
5,535,701 |
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तुर्की |
5,220,549 |
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रूस |
5,044,459 |
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यूके |
4,473,681 |
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इटली |
4,205,970 |
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जर्मनी |
3,669,870 |
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स्पेन |
3,663,176 |
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अर्जेंटीना |
3,622,135 |
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कोलंबिया |
3,294,101 |
कोविड मौतों के मामले में वर्तमान में 100,000 से अधिक मृत्यु वाले देश:
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देश का नाम |
कुल मौतों का आंकड़ा |
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भारत |
318,895 |
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मैक्सिको |
222,232 |
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यूके |
127,758 |
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इटली |
125,793 |
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रूस |
120,406 |
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फ्रांस |
108,354 |
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Dainik Bhaskar Hindi - bhaskarhindi.com, नई दिल्ली। Dainik Bhaskar Hindi - bhaskarhindi.com, नई दिल्ली। भारत में कोरोनावायरस (CoronaVirus) की दूसरी लहर का प्रकोप जारी है, हालांकि आंकड़े बता रहे हैं कि संक्रमण का प्रकोप पहले से कम हुआ है। लेकिन मौत का तांडव थम नहीं रहा है। बीते दिनों इस महामारी से संक्रमित होने वाले लोगों की संख्या 4 लाख प्रतिदिन से अधिक तक जा पहुंची थी। राहत की बात यह कि अब अब प्रति दिन आने वाले संक्रमितों की संख्या 1.73 लाख तक आ पहुंची है। लेकिन मौतों का आंकड़ा अभी भी करीब 3 हजार के पार बना हुआ है।
स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में 1 लाख 73 हजार 790 नए कोरोना केस आए हैं। वहीं 3 हजार 617 लोगों की जान इस वायरस ने ले ली। हालांकि राहत की बात यह कि 2 लाख 84 हजार 601 लोग कोरोना से ठीक भी हुए हैं। इससे एक दिन पहले गुरुवार को 1.86 लाख मामले सामने आए थे।
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अब तक कुल मरीजों की संख्या |
2 करोड़ 77 लाख 29 हजार 247 |
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ठीक हुए मरीजों की संख्या |
2 करोड़ 51 लाख 78 हजार 011 |
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कोरोना से मरने वालों की संख्या |
3 लाख 22 हजार 512 |
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कुल एक्टिव मामलों की संख्या |
22 लाख 28 हजार 724 |
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देश में कुल वैक्सीनेशन |
20 करोड़ 89 लाख 02 हजार 445 |
Indian Medical Association (IMA) Uttarakhand has challenged Yog Guru Ramdev for a debate, asked him to tell which allopathic hospitals have given Patanjali medicines for treatment, IMA has publicly challenged the debate with panel discussion
— ANI (@ANI) May 29, 2021
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Dainik Bhaskar Hindi - bhaskarhindi.com, दिल्ली। कोरोना महामारी ने साल 2020 से लेकर अब तक दुनियाभर में तबाही मचा रखी है। हर कोई इसके खत्म होने का बस इंतजार कर रहा है। ताकि वो अपनी सामान्य जिंदगी की तरफ दोबारा लौट सके। इस बीच वैज्ञानिकों और तमाम हेल्थ एक्सपर्ट ने बताया कि, कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने का एकमात्र तरीका वैक्सीनेशन है। इस बात को सुनकर दुनियाभर के देशों ने वैक्सीन बनाना शुरु कर दिया और वैक्सीन बनने के बाद इसे किसी इंसान के ऊपर ट्रायल करने की बारी आई। तो दुनिया में सबसे पहले वैक्सीन का ट्रायल विलियम शेक्सपियर पर किया गया। विलियम ने कोरोना वैक्सीन लगवाकर इतिहास रच दिया। लेकिन हाल ही में उनकी मौत भी हो गई। इस बात की पुष्टि ब्रिटिश मीडिया के हवाले से की गई। बता दें कि, विलियम को 8 दिसंबर साल 2020 में यूनिवर्सिटी अस्पताल कोवेंट्री और वारविकशायर में फाइजर नाम की कोरोना वैक्सीन की पहली डोज दी गई थी।
जब विलियम की मौत हुई तो उनकी उम्र 81 वर्ष थी। विलियम के पूर परिवार ने बताया कि, शेक्सपियर की मौत कोरोना से नहीं बल्कि दूसरी बीमारी से हुई है। इसका कोरोना वायरस से कोई लेना-देना नहीं है। वहीं विलियम के एक मित्र के अनुसार, जो लोग भी उन्हें श्रद्धांजलि देना चाहते है। उसका सबसे अच्छा तरीका हैं कि, आप कोरोना वैक्सीन लगवाए। कोवेंट्रीलाइव की रिपोर्ट की मानें तो, विलियम शेक्सपियर की मौत कोरोना वायरस से तो नहीं लेकिन वैक्सीन लगवाने वाले अस्पताल के अंदर एक लंबी बीमारी से लड़ते हुए हुई है। हालांकि, इसका कोरोना वायरस से किसी भी प्रकार का संबंध नहीं है।
बता दें कि, विलियम शेक्सपियर ने एक बेहद प्रसिद्ध कंपनी रोल्स रॉयस में किया और पैरिश नगर के चांसलर भी रह चुके है। शेक्सपियर ने एलेस्ले में तीन दशकों से अधिक समय तक अपने स्थानीय समुदाय की सेवा की थी और दुनिया की सेवा करने का जज्बा तो सभी ने देख ही लिया। जिस तरह से उन्होंने इतनी अधिक उम्र में कोरोना की पहली डोज लगवाकर इतिहास रचा हैं, इससे साफ अंदाजा लगाया जा सकता हैं कि, वो कितने निडर और सेवा भाव इंसान थे। कुछ इंटरनेशनल मीडिया रिपोर्ट्स में इस बात का जिक्र किया गया हैं कि, कोरोना वैक्सीन लगवाने के बाद विलियम काफी खुश थे और उन्होंने इस अनुभव को वंडरफुल बताया था। विलियम अपने पीछे पत्नी, दो लड़कों और पोते-पोतियों समेत भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं।
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Dainik Bhaskar Hindi - bhaskarhindi.com, दिल्ली। कोविड महामारी की वजह से दुनियाभर की अर्थव्यवस्था खराब स्थिति में पहुंच चुकी है। लॉकडाउन की वजह से लोगों को रोजगार की समस्या भी आ रही है। इस बीच सरकारी नौकरी की तैयारी करने वालों के लिए एक खुशखबरी है। जी हां, अगर आप सरकारी नौकरी के लिए काफी दिनों से मेहनत कर रहे है और देश की सेवा करने के इच्छुक हैं तो, इंडियन आर्मी में जाने का आपके पास सुनहरा अवसर है। दरअसल, इंडियन आर्मी ने कुल 191 पदों के लिए भर्ती का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। आप चाहे तो इसके ऑफिशियल वेबसाइट में विजिट कर सकते है।
जानकारी विस्तार से
इंडियन आर्मी की दुनियाभर में पहचान है। हर देश के लोग इंडियन आर्मी की ताकत से रुबरु है। कई भारतीय युवा और महिला भी इसमें भर्ती पाकर देश की रक्षा करने के इच्छुक होते है। इसलिए इंडियन आर्मी समय-समय पर अपनी भर्तियां निकालते रहते है। इस बार इंडियन आर्मी ने शॉर्ट सर्विस कमीशन की भर्ती के लिए आवेदन मांगे है, जिसके लिए नोटिफिकेश जारी कर दिया है। आप ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर फॉर्म अप्लाई कर सकते है। अब आपको बतातें हैं कि, इन पदों के लिए आखिर कौन-कौन लोग अप्लाई कर सकते है और नौकरी पा सकते है। बता दें कि, इन सभी पोस्ट के लिए अविवाहित पुरुष और महिला इंजीनियरिंग ग्रेजुएट्स एवं रक्षा कर्मियों की विधवाएं अप्लाई कर सकती है।
वहीं इन पदों के लिए अप्लाई करने के लिए 25 मई 2021 से पोर्टल खोल दिए जाएंगे और 23 जून 2021 को बंद कर दिए जाएंगे। इन पदों के लिए इच्छुक सभी कैंडिडेट्स joinindianarmy.nic.in पर जाकर अप्लाई कर सकते है। अंतिम तारीख का जरुर ख्याल रखें और फॉर्म ध्यान से अप्लाई करें। अगर आप सेलेक्ट हो गए तो ऐसे कैंडिडेट्स को इस साल के अक्टूबर महीनें में ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी चेन्नई, तमिलनाडु में भेजा जाएगा। बात करें किसी भी कैंडिडेट्स की योग्यता की तो, इस फॉर्म को अप्लाई करने वाले लोगों की उम्र कम से कम 20 साल और ज्यादा से ज्यादा 27 साल होनी चाहिए। लेकिन बात अगर रक्षा कर्मियों की विधवाओं की करें तो, आपकी उम्र ज्यादा से ज्यादा 35 साल होनी चाहिए। अब बात सेलेक्शन प्रोसेस। फॉर्म अप्लाई करने के बाद आपका सेलेक्शन प्रारंभिक पात्रता परीक्षा (PET) उसके बाद इंटरव्यू और मेडिकल जांच के बाद किया जाएगा। अगर आप ज्यादा जानकारी चाहते हैं या फिर आपके मन में कोई सवाल हैं तो इंडियन आर्मी की ऑफिशियल वेबसाइट पर विजिट करें।
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Dainik Bhaskar Hindi - bhaskarhindi.com,दिल्ली। इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) ने CA की परीक्षा 2021 के लिए तारीखों की घोषणा कर दी है। पुराने एवं नए पाठ्यक्रमों के लिए 5 जुलाई की तारीख तय की गई है। इनमें इंटरमीडिएट, फाइनल और PQC की परीक्षा होगी। यह जानकारी ICAI की आधिकारी बेवसाइट पर भी देखी जा सकती है। ICAI ने ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी की और कहा कि, छात्रों के पास जल्द ही सारी सूचनाएं उपलब्ध होगी।
ICAI ने स्थगित की थी परीक्षा
दरअसल, CA की परीक्षा मई में होनी थी। लेंकिन, कोरोना की दूसरी लहर में बढ़ते मामलों को देखते हुए इसकी परीक्षाएं स्थगित कर दी गई थी। इससे पहले CA का एग्जाम 21 मई और इंटरमीडिएट एग्जाम 22 मई को होने थे। उस समय इंस्टीट्यूट के एडिशनल सेक्रेटरी एसके गर्ग ने कहा था कि, "इन परीक्षाओं की नई तारीख पर अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है। कोरोना की परिस्थितियां सामान्य होने के बाद ही नई तारीख तय होंगी। स्टूडेंट्स को नई डेट की जानकारी परीक्षा से कम से कम 25 दिन पहले दे दी जाएगी।"
आधिकारिक नोटिस से दी जानकारी
आधिकारिक नोटिस में लिखा गया हैं कि, सीए एवं इंटरमीडिएट, फाइनल और PQC की परीक्षा 5 जुलाई को होगी। विस्तृत सूचना जल्द ही छात्रों को दी जाएगी। सूचना में क्या लिखा है- जनरल इंफॉर्मेशन के तहत चार्टर्ड अकाउंटेंट्स इंटरमीडिएट IPC ( अंडर ओल्ड स्कीम), इंटरमीडिएट( अंडर न्यू स्कीम), फाइनल( पुराने और न्यू स्कीम) पोस्ट क्वालिफिकेशन कोर्स ,यानि इशयोरेंस एंड रिस्क मैनेजमेंट टेक्निकल एग्जामिनेशन और इंटरनल टैक्सेशन- असेसमेंट टेस्ट( INTT-AT) मई 2021 में होगी। ग्लोबल लेवल पर यह 5 जुलाई को शुरू होगी। कार्यक्रम की सूचना वेबसाइट पर उपलब्ध होगी।
CA बनने की योग्यता
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डिजिटल डेस्क,मुंबई। कोरोना महामारी की वजह से दुनियाभर में अर्थव्यवस्था की कमर टूट चुकी है। देशभर के लाखों लोगों ने अपनी नौकरी गवां दी। रोजगार की स्थिति अब भी बुरी हालत में है। कई लोगों को साल 2020 के बाद कोई काम नहीं मिला। कंपनियां लॉकडाउन की वजह से घाटे में चल रही है। लेकिन इस संकट के बीच फ्लिपकार्ट ने हजारों कर्मचारियों को नौकरी दी है। कंपनी के अनुसार, कोरोना काल में एक ओर जहां तमाम कंपनियां छंटनी कर रही थी वहीं, हमने 23000 लोगों को काम पर रखा है।
बता दें कि, पिछले 3 महीनें में फ्लिपकार्ट ने 23000 लोगों को नौकरी दिया है। फ्लिपकार्ट ई कॉमर्स मार्केटप्लेस में अपने उत्पादों को तेजी से वितरित करने के लिए सप्लाई चेन को मजबूत करना चाहती है। कंपनी ने एक बयान में कहा कि, देश भर में ई कॉमर्स सेवाओं की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए हायरिंग की गई थी। वहीं भर्ती को लेकर फ्लिपकार्ट आपूर्ति श्रृंखला के वरिष्ठ उपाध्यक्ष हेमंत बद्री ने कहा, ‘‘लोग वायरस से लड़ने के लिए घर के अंदर ही रह रहे हैं और देश भर में ई-कॉमर्स सेवाओं की मांग बढ़ रही है। इससे हमारी आपूर्ति श्रृंखला का विस्तार जरूरी हो गया और हजारों रोजगार के अवसर पैदा हो रहे है।’’
कंपनी की तरफ से दिए जा रहे प्रशिक्षण
कंपनी की तरफ से एक बयान दिया गया, जिसमें कहा गया कि, वो सीधी भर्ती के लिए आपूर्ति श्रृंखला के विभिन्न पहलुओं से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चला रही है। ये प्रशिक्षण कार्यक्रम व्हॉट्सऐप, जूम और हैंगआउट जैसे मोबाइल ऐप के साथ ही फ्लिपकार्ट के अपने प्लेटफॉर्म के जरिए भी संचालित किए जा रहे हैं। दरअसल, लॉकडाउन के बाद से ही ई-कॉमर्स सेवाओं की डिमांड ज्यादा बढ़ गई, जिसको पूरा करने के लिए ज्यादा कर्मचारियों की आवश्यकता पड़ने लगी। यही वजह रही कि, मात्र 3 महीनों के अंदर 23000 नए कर्मचारियों की भर्ती की गई।
एबीपी डिजिटल में छपी एक खबर के मुताबिक, फ्लिपकार्ट में सप्लाई चेन के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट हेमंत बद्री बताते हैं कि, लोग कोरोना संक्रमण से बचने के लिए घरो में ही रह रहे हैं इस वजह से देश भर में ई-कॉमर्स सेवाओं की डिमांड में इजाफा हुआ है और इसी कारण हमारी सप्लाई चेन भी बढ़ी है, जिससे हजारों रोजगार के अवसर पैदा हो रहे हैं। वहीं ट्रेनिंग समय की अवधि के दौरान उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नए कर्मचारियों को हमारी हेल्थकेयर और वेलनेस पहल के साथ कवर किया जाएगा।
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डिजिटल डेस्क,दिल्ली। भारत में जड़ी-बूटियों को इस्तेमाल करने की परंपरा सदियों पुरानी है। किसी बीमार व्यक्ति को ठीक करना हो, चेहरे निखारना हो या खाना बनाना हो। हर जगह किसी न किसी तरह हम जड़ी-बूटियों का प्रयोग जरुर करते है। लेकिन भाग-दौड़ भरी जिंदगी में हम अपनी स्कीन का ख्याल रखना भूल जाते है। हमें सिर्फ अपने ऑफिस से घर का एड्रेस मालूम होता है। इसलिए आज हम आपको बताएंगे कि, मशहूर जड़ी-बूटियों में से एक और औषधीय गुणों से भरपूर तुलसी का इस्तेमाल आप अपने चेहरे को निखारने में कैसे कर सकते है। क्योंकि, भारतीय घरों में तुलसी का पौधा होना आम होता है।
तुलसी जहां एक और पूजा के लिए इस्तेमाल की जाती है वहीं विभिन्न पोषक तत्वों से भरपूर भी होती है। पोषक तत्वों से भरपूर औषधीय गुण होने के साथ तुलसी में सौंदर्य निखारने के गुण भी मौजूद होते हैं। यही कारण है कि तुलसी का इस्तेमाल बालों के साथ त्वचा की खूबसूरती बढ़ाने के लिए भी किया जाता है। आपको बस तुलसी की पत्तियों में कुछ घरेलू सामग्रियों को मिलाकर थोड़ा सा फेस पैक बनाकर चेहरे पर लगाना है। चलिए बताते हैं कि, कैसे बनाए ये फेस पैक
ग्लोइंग स्किन और एक्ने की समस्या के लिए बनाएं ये पैक
तुलसी की पत्तियां- 1 कप
नीम की पत्तियां- 1 कप
लौंग का तेल-1 चम्मच
तुलसी और नीम के पत्तों को बताए गए मात्रा के अनुसार ले और उसे धोकर ब्लेंडर में डालकर पेस्ट तैयार कर ले। जब पेस्ट तैयार हो जाएं तो उसमें 1 चम्मच लौंग का तेल डाले। पैक को अच्छी तरह से मिक्स कर ले।आपका पैक तैयार हो चुका है अब बारी आती हैं, इस फेस पर लगाने की। अपने चेहरे को अच्छी तरह से धोते हुए साफ कर ले फिर फेस पैक को अपने चेहरे पर समान रूप से लगाएं और 30 मिनट तक छो़ड़ दे। 30 मिनट बाद अपना चेहरा धोने के लिए ठंडे पानी का प्रयोग करें। इस फेस पैक का इस्तेमाल हफ्ते में दो बार करें मुहांसों की समस्या से छुटकारा मिलेगा। तैलीय त्वचा, मुंहासे, पिंपल्स कुछ ऐसी सामान्य समस्याएं हैं जिनका हम में से कई लोग सामना करते हैं और यह तुलसी और नीम का फेस पैक उन सभी त्वचा संबंधी समस्याओं से निपटने के लिए एक आदर्श समाधान हो सकता है।
झाइयों और दाग-धब्बों के लिए बनाएं ये पैक
संतरे के छिलके या फिर चंदन पाउडर
तुलसी पत्ते
अगर आप बहुत पुराने या नए झाइयों और दाग-धब्बों से काफी परेशान हैं तो एक बार आपको इस तरह से फेस पैक बनाकर इस्तेमाल जरुर करना चाहिेए। सबसे पहले संतरे के छिलके का पाउडर बना ले और उसके बाद तुलसी के पत्तें के साथ मिलकार एक बार और पीस ले। आपका पैक तैयार है। आप वैकल्पिक रूप से तुलसी और चंदन पाउडर का भी उपयोग कर सकती हैं। आप चाहें तो इसे 1 चम्मच दूध के साथ भी मिक्स कर सकती हैं। इसे चेहरे पर हर दिन 5-10 मिनट के लिए लगाएं, ताकि मुंहासे और उनके निशान कम हो सकें। इसके अलावा खून और त्वचा को साफ करने के लिए रोजाना तुलसी के 5 पत्ते भी चबा सकती हैं।
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डिजिटल डेस्क, दिल्ली। भारत में कोरोना की दूसरी लहर चल रही है। मौत के आंकड़ें बढ़ रहे है। कफन की बिक्री बढ़ रही है और तीसरी लहर की तैयारी शुरु हो चुकी है। ऐसे में आप भी अपने लिए सतर्क हो जाइए। खुद का ख्याल रखिए। कोरोना वायरस ने सबसे ज्यादा मरीजों के लंग्स और हार्ट को प्रभावित किया है। जिसकी वजह से कई लोगों ने अपनी जान गवां दी। इससे बचने के लिए स्वस्थ जीवन शैली अपनाने की सलाह दी जाती है। जिसकी वजह से स्वस्थ हृदय में योगदान देने वाले प्रमुख कारकों में से एक है अपने वजन को नियंत्रण में रहना। ऐसा इसलिए कहा जाता है क्योंकि मोटापा आपके दिल की समस्याओं के खतरे को बढ़ा देगा। अगर आप अपने हार्ट को फिट और एक्टिव रखना चाहते हैं, तो कुछ प्राकृतिक चीजों का इस्तेमाल जरूर करें।
अर्जुन छाल पाउडर- आयुर्वेद में कई गंभीर बीमारियों के लिए अर्जुन छाल पाउडर का इस्तेमाल किया जाता है। ये हृदय टॉनिक के रूप में काम करता है और कोलेस्ट्रॉल, रक्तचाप रक्त शर्करा के स्तर आदि को कंट्रोल करने में मदद करता है। भारत में अर्जुन के पेड़ को काफी अच्छा माना गया है। धार्मिक और औषधीय दोनों तौर से। इसके पेड़ में हीलिंग गुण होते हैं जो दिल के लिए बेहतर माना जाता हैं। इसके पाउडर का सेवन करना काफी फायदेमंद है। इसमें एक एंटीहाइपरटेन्सिव गुण होता है जो उच्च रक्तचाप के स्तर को कम करके नियंत्रित करने के लिए जाना जाता है। इसके अलावा हड्डी टूट जाने पर भी अर्जुन की छाल काफी जल्दी फायदा पहुंचाती है।
लहसुन- लहसुन काफी गर्म होता है। ठंड के दिनों में इसका सेवन करना काफी फायदेमंद होता हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि, इसे एलियम सैटिवम के नाम से भी जाना जाता है, इसको खाने से कई फायदे मिलते है। लहसुन न केवल कार्बोहाइड्रेट से भरपूर होता है बल्कि पोटेशियम, फास्फोरस, जिंक और विटामिन ए और बी कॉम्प्लेक्स जैसे पोषक तत्वों से भी भरपूर होता है। सुबह खाली पेट लहसुन खाने से कोलेस्ट्रॉल कम होता है और दिल स्वस्थ रहता है। इतना ही नहीं बल्कि, सांस के मरीज को रोज लहसुन की एक कली गर्म करके नमक के साथ खानी चाहिए।
ग्रीन टी- अध्ययन में ये पाया गया हैं कि, टाइप 2 मधुमेह और हृदय की समस्याओं के जोखिम को ग्रीन टी कम करता है। ग्रीन टी में उच्च मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जिन्हें पॉलीफिनाल्स कहा जाता है। इसके साथ ही इसमें एपिगलोकेटेशिन गलेट (ईजीसीजी) भी पाया जाता है, जो रक्तचाप और शरीर में वसा नियंत्रण में मदद करता है।
अदरक- भारतीय लोग मसालों के काफी शौकीन होते है। बगैर मसालों के किसी भारतीय के घर शायद ही खाना बनता है। इन्हीं में से एक हैं अदरक, जिसका उपयोग हृदय रोग के उपचार में भी किया जाता है। कोलेस्ट्रॉल को कम करने और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में भी मददगार है अदरक का पानी और ये सारी चीजें हार्ट अटैक और स्ट्रोक के जोखिम को कम करने में मदद करती हैं।
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डिजिटल डेस्क,दिल्ली। देशभर में कोरोना की दूसरी लहर ने लाखों लोगों को मौत की नींद सुला दिया। कई लोग अपने परिजनों के लिए अस्पतालों में बेड, ऑक्सीजन और दवाईयों के लिए दर-दर भटक रहे है। लेकिन बिगड़ती स्वास्थ्य व्यवस्था के आगे कोई कुछ नहीं कर पा रहा है। इस भयंकर तबाही को देखते हुए बहुत से लोगों ने अपनी-अपनी क्षमता के अनुसार मदद का हाथ आगे बढ़ा रहे है। इस दौरान जामिया हमदर्द यूनिवर्सिटी ने अपने कर्मचारियों, पुलिस कर्मी और आमजनता के लिए कोविड केयर सेंटर बनाया है। इस कोविड केयर सेंटर में 50 बेड होंगे, जिनमें पांच आयुष डॉक्टर, तीन एमबीबीएस और दस नर्स मौजूद रहेंगे। यह सभी लोग 24 घंटे सेंटर में मौजूद रहेंगे और सभी मरीजों का पूरा ख्याल रखने की जिम्मेदारी इनकी होगी।
विश्वविद्यालय के अनुसार, ये कोविड सेंटर जामिया के कर्मचारियों,दिल्ली पुलिस,मजीदिया अस्पताल और यूनानी चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान स्कूल में उनके आश्रित लोगों के लिए बनाई गई है। इस सेंटर में हल्के से लेकर मध्यम रुप के रोगियों की देखभाल की जाएगी ।जब तक उन्हें कोविड अस्पताल में बेड नहीं मिल जाता। विश्व विधालय के अनुसार इस सेंटर में पांच आयुष डॉक्टर, तीन एमबीबीएस और दस नर्स मौजूद रहेंगे। वहीं इस कोविड सेंटर का जायजा खुद साउथ ईस्ट दिल्ली कमिश्वर एसएन श्रीवास्तव DCP अतुल कुमार ठाकुर और SP आरपी मीणा ने चांसलर हामिद अहमद की मौजूदगी में लिया।
चांसलर हामिद अहमद ने मीडिया को बताया कि इस सेंटर में हल्के से मध्यम कोविड मामलें निपटाने के लिए सक्षम है। इस सेंटर में वह सभी उपकरण मौजूद हैं जिनकी जरुरत कोविड सेंटर में होनी चाहिए कार्डिएक मॉनिटर, ईसीजी मशीन, ऑक्सीजन सिलेंडर और कंसेंट्रेटर, ऑक्सीमीटर, ग्लूकोमीटर, कोविड किट, आवश्यक दवाएं, प्रतिरक्षा बढ़ाने के लिए दवाएं, ट्रेंड मेडिकल स्टाफ और अन्य जरूरी उपकरणों से लैस है। जामिया के अलावा भी कई कॉलेज ने कोविड सेंटर की स्थापना की है। 14 मई को रायपुर किक्रेट स्टेडियम में बनाए गए कोविड सेंटर का संचालन दून मेडिकल कॉलेज करेगा। व्यवस्थाओं के अलावा सभी तरह के फैसले कॉलेज ले रहा है।
एक्सपर्ट्स की मानें तो कोरोना की दूसरी लहर के बाद तीसरी लहर आने की पूरी संभावना है और ये सबसे ज्यादा बच्चों को प्रभावित करेगी। इस वजह से दिल्ली में भले ही कोरोना के मामले कम हो गये हों, लेकिन सरकार और नगर निगम ने तीसरी लहर को लेकर अपनी तैयारियां शुरु कर दी है। दिल्ली सरकार अस्पतालों में बच्चों के लिये ख़ास वार्ड तैयार कर रही है तो वहीं नगर निगम ने ऐसे कोविड केयर सेंटर तैयार करने शुरू कर दिये हैं ताकि बच्चों की कोविड के दौरान बेहतर देखभाल की जा सके। ऐसा ही एक सेंटर दिल्ली दक्षिणी दिल्ली नगर निगम ने मालवीय नगर के एक प्राइमरी स्कूल में तैयार कर लिया है।
बता दें कि, इस स्कूल में बनाये गये कोविड केयर सेंटर में क़रीबन 50 बेड हैं। बेड के साथ मरीज़ों को ऑक्सीजन सपोर्ट भी दिया जा सके इसके लिये ऑक्सीजन सिलिंडर के साथ-साथ ऑक्सीजन कसंट्रेटर भी रखे गये हैं। क्योंकि देखा गया हैं कि, दूसरी लहर के दौरान देश में ऑक्सीजन की काफी ज्यादा किल्लत हो गई थी। दवाइयों का भी पूरा इंतज़ाम किया गया है। मरीज़ की हालात बिगड़ने पर उसे तुरंत अस्पताल ले ज़ाया जा सके, इसके लिये एक एंबुलेंस भी 24 घंटे यहां मौजूद रहती है। निजी अस्पताल को भी इस कोविड केयर सेंटर से जोड़ा गया है ताकि ज़रूरत पड़ने पर मरीज़ को अस्पताल में भर्ती किया जा सके।
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डिजिटल डेस्क,दिल्ली। कोरोना महामारी की दूसरी लहर देश के लिए काफी खतरनाक साबित हुई, जिसने सबसे ज्यादा युवाओं को प्रभावित किया। वहीं हेल्थ एक्टपर्ट लगातार कोरोना की तीसरी लहर आने का दावा कर रहे है, जो सबसे ज्यादा बच्चों को प्रभावित करने वाली है। कोविड-19 के प्रभाव को कम करने का एकमात्र तरीका वैक्सीनेशन हैं और वैक्सीन लगाने की प्रक्रिया भी बहुत तेजी से नहीं की जा रही है, लेकिन 18 और 45 साल के ऊपर वालों को वैक्सीनेट किया जा रहा है। अब बात आती हैं कि, 18 से नीचे के बच्चें, जिन्हें वैक्सीन नहीं लग रही हैं। ये सभी स्कूल के स्टूडेंट्स है।
कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए कई राज्य सरकारों ने परीक्षाएं रद्द कर दी। पिछले दिनों सीबीएसई ने भी 10वीं कक्षा की परीक्षा रद्द कर दी थी, जबकि 12वीं की स्थगित की गई थी लेकिन स्टूडेंट्स और अभिभावक पिछले काफी समय से 12वीं की परीक्षा भी रद्द किए जाने की मांग कर रहे हैं,जिसके बाद रविवार को सीबीएसई की 12वीं की परीक्षा और कई प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक हुई और इस बैठक में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को छोड़कर ज्यादातर राज्यों ने 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं आयोजित कराने का सुझाव दिया है। वहीं दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा कि, पहले वैक्सीन,सुरक्षा फिर परीक्षा।
क्या कहा गया बैठक में
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी, सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर सहित कई राज्यों के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री व राज्यों कि शिक्षा सचिव, सीबीएसई, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के अलावा केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए। काफी गहन चर्चा के बाद सभी राज्यों ने कई सुझाव केंद्र सरकार के सामने रखे। तो वहीं केंद्र सरकार ने कहा है कि, 12वीं की परीक्षाओं के लेकर 1 जून या उससे पहले ही कोई फैसला लिया जाएगा और तिथि भी घोषित की जाएगी।
बैठक सभी लोगों की मौजूदगी में पूरे 3 घंटे चली, जिसमें दिल्ली को छो़ड़कर देश के ज्यादातर राज्य 12वीं की परीक्षा के आयोजन को लेकर सहमत नजर आए। केंद्रीय मंत्रिमंडल समूह और सीबीएसई भी छात्रों के भविष्य को देखते हुए सीमित और महत्वपूर्ण विषयों की परीक्षा आयोजित कराये जाने को तैयार दिखा। वहीं दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने ट्वीट कर कहा कि, केंद्र सरकार के साथ मीटिंग में आज माँग रखी कि परीक्षा से पहले 12वीं के सभी बच्चों के लिए वैक्सीन की व्यवस्था करें। बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ कर परीक्षा का आयोजन करवाने की ज़िद बहुत बड़ी गलती और नासमझी साबित होगी।
#पहले_वैक्सीन_सुरक्षा____फिर_परीक्षा।
बैठक पूरी होने के बाद रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि,"सरकार की प्राथमिकता सभी परीक्षाओं को सुरक्षित माहौल में आयोजित करना है।" बता दें कि, केंद्र सरकार ने आदेश दिया हैं कि, सभी राज्यों 25 मई यानि की अगले दो हफ्ते में अपनी राय लिखित में दें, जिसके बाद शिक्षा मंत्रालय समीक्षा करेगा और 1 जून को परीक्षा को लेकर अंतिम फैसला लिया जाएगा।
केंद्र सरकार के साथ मीटिंग में आज माँग रखी कि परीक्षा से पहले 12वीं के सभी बच्चों के लिए वैक्सीन की व्यवस्था करें। बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ कर परीक्षा का आयोजन करवाने की ज़िद बहुत बड़ी गलती और नासमझी साबित होगी। #पहले_वैक्सीन_सुरक्षा____फिर_परीक्षा
— Manish Sisodia (@msisodia) May 23, 2021
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डिजिटल डेस्क,दिल्ली। देशभर में कोरोना की दूसरी लहर ने सबकुछ बर्बाद कर दिया है। शिक्षा से लेकर स्वास्थ्य व्यव्स्था पूरी तरह टूट चुकी है और हेल्थ एक्सर्पट्स के अनुसार, कोरोना की तीसरी लहर में बच्चें सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे। इसलिए हमें अभी से अपने बच्चों की हेल्थ का पूरा ख्याल रखना होगा। हालांकि, कई राज्यों में बच्चों के बीमार होने की खबर आने लगी है। इसलिए हम आपको आज बताएंगे कि, कैसे करें अपने बच्चों की इम्यूनिटी बूस्ट-
हल्दी
हल्दी में एंटीबायोटिक गुण पाए जाते है और काफी फायदेमंद भी माना जाता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लमेटरी गुण होते हैं, जो बच्चों के इम्यून सिस्टम को मजबूत बना सकते हैं। साथ ही संक्रमण व रोगों से लड़ने में मजबूती प्रदान कर सकते हैं। इसलिए अगर आप अपने बच्चों की इम्युनिटी स्ट्रांग करना चाहते हैं तो, उन्हें केसर और हल्दी वाला दूध रेगुलर डाइट में जरूर शामिल करें। ये दूध तैयार करने के लिए दूध में हल्दी या केसर मिलाकर दूध को अच्छी तरह से खौला लें और उसमें थोड़ा काली मिर्च का पाउडर डालें। इस दूध का सेवन करने से बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता अच्छी होती है और बीमारियों से लड़ने में मदद मिलती है। हल्दी और केसर वाला दूध खांसी से भी दूर रखता है और इसमें मौजूद एंटीबायोटिक्स शरीर के फ्री रेडिकल सेल्स से लड़ते हैं जिससे इम्यून सिस्टम स्ट्रांग होता है और बीमारियों का खतरा कम हो जाता है।
आंवला
आंवला विटामिन सी का एक बेहतरीन स्त्रोत है और विटामिन सी आपके शरीर को कई चीजों से बचाता है। आपके बाल झड़ना बंद हो जाते है। साथ ही शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और देशभर में कोविड के मरीजों को विटामिन सी की गोलियां डाक्टर्स खाने की सलाह भी दे रहे है। इसलिए अपने बच्चों को विटामिन सी की भरपूर मात्रा वाले पोषक तत्व खिलाएं। बता दें कि, विटामिन सी से सर्दी-जुकाम जैसे इंफेक्शन से लड़ने में सहायता मिल सकती है। इसके अलावा आंवला स्किन, हेयर व मधुमेह के रोगियों के लिए काफी लाभकारी होता है। इसके अलावा बच्चों को फल और सब्जी जरूर खिलाएं। उसे सेब, गाजर, शकरकंद, सेम की फली, कीवी, खरबूजा, नारंगी, बरी बीन्स व स्ट्रॉबेरी देना फायदेमंद होगा। आप बच्चे को स्मूथी, जूस व पेस्ट बनाकर दे सकते हैं। इसके अलावा बच्चों खट्टे फल जैसे नारंगी, संतरा, मौसमी, नींबू, अंगूर, अमरूद व आंवला आदि देने से भी उसका इम्यून सिस्टम मजबूत होगा।
तुलसी
भारत में तुलसी को धार्मिक और मेडिकल साइंस दोनो के तहत काफी अच्छा माना गया है। इसमें औषधीय गुणों का खजाना छिपा है। इसके अंदर विटामिन ए और विटामिन सी भरपूर मात्रा में पाई जाती है। यह इम्यूनिटी बढ़ाने के साथ-साथ गले व सांस संबंधी इंफेक्शन से लड़ने में मदद कर सकती है।इसलिए बच्चों को तुलसी के 3-4 पत्तें रोजाना खिलाएं। इससे उन्हें सर्दी-खांसी जैसी समस्या नहीं होगी। इसके अलावा बच्चों को प्रोटीन युक्त आहार का सेवन अधिक से अधिक कराना चाहिए। प्रोटीन से एंटीबॉडीज बनते हैं, जो शरीर की इम्यूनिटी सिस्टम के लिए जरूरी होता है। दालें, अंडे, मांस, सोया, मछली व मीट आदि में प्रोटीन प्रचूर मात्रा में होती है।
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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंड्री एजुकेशन (सीबीएसई) ने कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षाओं के लिए दो विकल्प सुझाए हैं, जिन्हें कोविड संक्रमण की दूसरी लहर को देखते हुए स्थगित कर दिया गया था। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के नेतृत्व में मंत्रियों के एक समूह के समक्ष आज दोपहर एक प्रजेंटेशन दिया गया। जानकारी मिली है कि सरकार ने परीक्षाएं रद्द न करने का फैसला किया है। परीक्षाएं किस फॉर्मेट में होंगी, कब होंगी और कैसे होंगी, इसकी जानकारी शिक्षा मंत्री निशंक 01 जून को देंगे।
केंद्रीय शिक्षामंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा, बैठक काफी अच्छी रही क्योंकि हमें काफी मूल्यवान सुझाव प्राप्त हुए। मैंने राज्य सरकारों से 25 मई तक अपने विस्तृत सुझाव भेजने का अनुरोध किया है। मुझे विश्वास है कि हम कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के संबंध में एक निर्णय पर पहुंचने में सक्षम होंगे और अपने अंतिम निर्णय के बारे में जल्द से जल्द सूचित करके छात्रों और अभिभावकों के मन की अनिश्चितता को दूर करेंगे। मैं दोहराना चाहता हूं कि छात्रों और शिक्षकों की सुरक्षा हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
क्या कहा दिल्ली के उपमुख्यमंत्री ने?
केंद्रीय मंत्रियों की आज हुई बैठक में दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली सरकार किसी भी तरह की परीक्षा आयोजित करने के पक्ष में नहीं है। उन्होंने कहा कि बोर्ड द्वारा दिए गए दोनो ऑप्शंस उन्हें ठीक नहीं लगे। 12वीं के छात्रों को पिछले रिकार्ड के आधार पर ही पास किया जाए। उन्होंने कहा कि देश को कोरोना की तीसरी लहर की चेतावनी दी जा चुकी है, और इसमें बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे।
मनीष सिसोदिया ने कहा कि 12वीं कक्षा के 95 प्रतिशत छात्र 17.5 साल से अधिक की आयु के हैं। केंद्र को विशेषज्ञों से बात करनी चाहिए कि क्या उन्हें कोविशील्ड, कोवैक्सीन टीका लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि छात्रों को टीका लगाने से पहले 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं कराना बहुत बड़ी गलती साबित होगी। मनीष सिसोदिया ने बैठक में कहा कि केंद्र सरकार को छात्रों के टीकाकरण के संबंध में फाइजर से बात करनी चाहिए।
क्या है CBSE के दो विकल्प?
पहले विकल्प के तहत, परीक्षा तीन महीने की अवधि के भीतर आयोजित की जा सकती है - परीक्षा पूर्व गतिविधियों के एक महीने और परीक्षा और परिणामों की घोषणा के लिए दो महीने। कंपार्टमेंट परीक्षा के लिए और 30 दिनों की अनुमति दी जाएगी। परीक्षा केवल प्रमुख विषयों के लिए आयोजित की जाएगी और छोटे विषयों के लिए अंक प्रमुख विषयों में प्रदर्शन के आधार पर अलॉट किए जाएंगे। दूसरे विकल्प के तहत 19 प्रमुख विषयों में 90-मिनट की परीक्षा होगी। छात्रों को केवल एक भाषा और तीन वैकल्पिक विषयों में उपस्थित होना है। इन विषयों में उनके प्रदर्शन के आधार पर, 5वें और 6वें विषयों के परिणाम का मूल्यांकन किया जाएगा।
शॉर्ट फॉर्मेट में हो सकती है परीक्षा
पिछले वर्ष बोर्ड परीक्षाएं जुलाई में कोरोना प्रोटोकाल के साथ आयोजित की गई थीं। इस बार भी जुलाई में ही परीक्षाएं आयोजित की जा सकती है। सूत्रों ने कहा कि सरकार शॉर्ट फॉर्मेट एग्जाम करवा सकती है, और स्टेट बोर्ड को अपना निर्णय लेने की अनुमति दी जाएगी। आज राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में बुलाई गई बैठक में केंद्रीय शिक्षामंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, प्रकाश जावड़ेकर के अलावा सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के शिक्षा मंत्री, शिक्षा सचिव समेत कई अधिकारी शामिल हुए।
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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यानी यूजीसी की विशेषज्ञ समिति ने विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में 40 फीसदी कोर्स ऑनलाइन और बाकी का 60 प्रतिशत ऑफलाइन पढ़ाने का सुझाव दिया है। यह सुझाव राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन के लिए बनाई गई यूजीसी की विशेषज्ञ समिति ने दिए हैं।
देशभर में कोरोना महामारी के दुष्प्रभाव को देखते हुए स्कूल से लेकर से यूनिवर्सिटी तक राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत यह तैयारी की जा रही है। विश्वविद्यालयों को लेकर यूजीसी ने विशेषज्ञों की एक का समिति का गठन किया था। इसी विशेषज्ञ समिति ने विश्वविद्यालयों में विभिन्न पाठ्यक्रमों का 60 फीसदी हिस्सा कक्षाओं में ऑफलाइन और 40 फीसदी हिस्सा ऑनलाइन पढ़ाने का सुझाव दिया है।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के सचिव प्रोफेसर रजनीश जैन ने इस विषय पर देशभर के विश्वविद्यालयों की राय मांगी है। प्रोफेसर रजनीश जैन एक पत्र जारी करते हुए कहा कि 6 जून तक विश्वविद्यालयों से सुझाव मांगा गया है। प्रोफेसर रजनीश जैन के मुताबिक यूजीसी विशेषज्ञ समिति द्वारा तैयार ड्राफ्ट विभिन्न राज्यों और विश्वविद्यालयों को भेजा गया है। इस ड्राफ्ट रिपोर्ट पर सभी पक्षकारों को 6 जून तक अपने सुझाव भेजने हैं।
यूजीसी विशेषज्ञ समिति द्वारा बनाए गए ड्राफ्ट के मुताबिक विश्वविद्यालयों में ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यमों से करवाई गई पढ़ाई के उपरांत इन पाठ्यक्रमों की ऑफलाइन व ऑनलाइन परीक्षा ली जा सकती है। विशेषज्ञ समिति का मानना है कि इससे पठन पाठन के कई स्वरूपों को मान्यता मिलेगी। इससे आमने -सामने बैठकर पढ़ने और डिजिटल माध्यम से शिक्षा ग्रहण करना शामिल है। ड्राफ्ट के मुताबिक ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यमों से पठन पाठन, अर्थपूर्ण शैक्षणिक गतिविधियों का सुनियोजित समन्वय है ।
वहीं 12वीं बोर्ड परीक्षा और विभिन्न प्रोफेशनल कोर्सेज की प्रवेश परीक्षा पर निर्णय के लिए केंद्र और देश के सभी राज्यों के बीच एक अहम बैठक होने जा रही है। केंद्र ने रविवार को राज्यों के शिक्षा मंत्रियों के साथ यह बैठक बुलाई है। रक्षा मंत्री इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक में तय किया जाएगा की 12वीं की सीबीएसई बोर्ड परीक्षा कब और किस प्रकार से ली जाएं।
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय इस दौरान विभिन्न प्रोफेशनल पाठ्यक्रमों की प्रवेश परीक्षा पर भी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ चर्चा करेगा। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने बताया कि राज्यों के साथ हो रही इस बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे। केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, केंद्रीय महिला एवं बाल मंत्री स्मृति जुबिन ईरानी और केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर भी बैठक में शामिल रहेंगे।
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डिजिटल डेस्क,दिल्ली। कोरोना की पहली और दूसरी लहर में स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ देशभर में फ्रंटलाइन वर्कर्स ने भी अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है। आंगनवाड़ी सहायिका से लेकर आशाग्राम ने घर-घर जाकर लोगों को जागरुक किया और इस महामारी में अपना जान जोखिम में डालकर बिना रुके, बिना थके काम किया है। उनके इस योगदान के बाद सरकार ने भी आंगनवाड़ी के लिए बंपर भर्तियां निकाली है। जी हां, उत्तर प्रदेश बाल विकास सेवा और पुष्टाहार विभाग ने आंगनवाड़ी वर्कर, मिनी आंगनवाड़ी वर्कर और आंगनवाड़ी हेल्पर के लिए भर्ती का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है,जिसमें कुल पदों की संख्या 53,000 से भी ज्यादा है। आप तुरंत ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर अप्लाई करें। योग्य महिला उम्मीदवार ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं। बता दें कि, ऑनलाइन अप्लाई करने की अंतिम तारीख 6 जून है।
जानकारी विस्तार से
आंगनवाड़ी वर्कर के इन पदों को आप तुरंत अप्लाई कर दें। क्योंकि पदों की संख्या 53,000 से भी ज्यादा है और ये थोड़ी-बहुत नहीं बल्कि काफी ज्यादा संख्या है। इन रिक्रूटमेंट ड्राइव में आपके सिलेक्ट होने की उम्मीद ज्यादा है। हालांकि, इस रिक्रूटमेंट ड्राइव के जरिए उत्तर प्रदेश के 8 जिलों में भर्ती की जाएगी। वहीं योग्यता की बात करें तो, आंगनवाड़ी वर्कर और मिनी आंगनवाड़ी वर्कर के पदों पर आवेदन करने वाली महिलाओं के पास कुछ जरुरी सर्टिफिकेट होने चाहिए। आवेदनकर्ता के पास किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं पास का सर्टिफिकेट होना अनिवार्य है। लेकिन अगर आप आंगनवाड़ी हेल्पर के पदों के लिए अप्लाई करना चाहते हैं तो इसके लिए आपके पास मात्र 5वीं पास का सर्टिफिकेट होना अनिवार्य है। आप चाहे तो ज्यादा जानकारी के लिए ऑफिशियल वेबसाइट विजिट कर सकते है।
अब बात आयु सीमा की। आंगनवाड़ी के इन पदों के लिए आवेदन करने वाली सभी महिलाओं की उम्र कम से कम 21 साल और ज्यादा से ज्यादा 45 साल होनी चाहिए। रिजर्व कैटेगरी के कैंडिडेट्स को उम्र सीमा में नियमानुसार छूट दी जाएगी। सबसे अच्छी बात तो ये हैं कि, जब आप इन पदों के लिए अप्लाई करेंगी तो इन विभिन्न पदों के आवेदनकर्ता को कोई फीस नहीं देनी होगी, लेकिन आपको कुछ जरुरी तारीखों को याद रखना है। जैसे कि, आवेदन 27 मार्च से ही शुरु हो चुके है और आवेदन की अंतिम तारीख 6 जून है। इच्छुक कैंडिडेट ऑफिशियल वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। ज्यादा जानकारी के लिए ऑफिशियल नोटिफिकेशन देख सकते हैं।
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डिजिटल डेस्क,मुंबई। बहुत से लोग होते हैं, जो कॉफी नियमित और शौक से पीते है, लेकिन उन्हें इसके फायदें नहीं पता होते। इसमें कोई शक नहीं की कॉफी एक बेहतरीन एनर्जी बूस्टर है। क्या आप जानते हैं कि, वजन कम करने के लिए कॉफी बेहद लाभदायक साबित होती है। बहुत लंबे वक्त तक ये जानने के लिए रिसर्च किया गया कि, क्या सच में कॉफी पीने से वजन कम हो सकता है। तो ये बात सच निकली। जी हां, जो व्यक्ति नियमित रूप से एक कप कॉफी का सेवन करता है वह लंबे समय तक हेल्दी वेट मैनेजमेंट को बढ़ावा देता है। चलिए जानते हैं कॉफी के अनोखे फायदें, जिसे सुनकर आप हैरान रह जाएंगे।
वर्कआउट से पहले करें सेवन
आप जब जिम जाते हैं, या फिर घर पर ही रहकर वर्कआउट करते हैं तो, उसस पहले आपको थोड़ा ब्लैक कॉफी पीना चाहिए, क्योंकि वर्कआउट करने से पहले शरीर को थोड़ी एनर्जी की जरूरत होती है, ऐसे में आप वर्कआउट करने के 30 मिनट पहले ब्लैक कॉफी का सेवन कर सकते है। ये बहुत फायदेमंद साबित होगा। इसे पीने के बाद आपको अधिक पसीना बहाने के लिए बहुत एनर्जी मिलेगी। दरअसल, ब्लैक कॉफी की खासियत ये हैं कि, इसमें कैफीन होता है जो आपकी शारीरिक ऊर्जा को बढ़ाता है। साथ ही ये आपके शरीर में मेटाबॉलिज्म को भी बढ़ाता है। ये बात फूड साइंस एंड न्यूट्रिशन की पत्रिका में प्रकाशित हालिया अध्ययनों में सामने आई है और कहा गया हैं कि, कॉफी में मौजूद कैफीन मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है। इसके साथ ही साथ ये फैट को बर्न करने में भी मदद करता है।
पेट की समस्या से राहत
इतना ही नहीं आप ब्लैक कॉफी से और भी कई चीजें ठीक कर सकते है। जी हां, ब्लैक कॉफी को पेट के लिए काफी लाभदायक माना जाता है, लेकिन आपको इसे बिना शक्कर के पीना होगा। अगर आप चीनी के बगैर ब्लैक कॉफी का सेवन करते हैं तो आपको पेट से जुड़ी कई समस्याओं में आराम मिल सकता है। ब्लैक कॉफी के सेवन से शरीर के खराब टॉक्सिन्स और बैक्टीरिया बाहर निकल जाते हैं, जिससे पेट को गैस, कब्ज से भी छुटकारा मिल सकता है।
टेंशन होगी दूर
अगर आप बहुत ज्यादा टेंशन में रहते हैं तो आपको नियमित रुप से 2 कप कॉफी का सेवन करना चाहिए। ये आपके तनाव को दूर करने में मदद करता है। दरअसल, सिओल नेशनल यूनिवर्सिटी के रिसर्चरों ने चूहे पर कॉफी को लेकर एक प्रयोग किया और पाया कि चूहे को देर तक जागती हालत में रखने के बाद जब उसे कॉफी सुंघाई गई तो दिमाग में उन प्रोटीन पर असर पड़ा जो तनाव के लिए जिम्मेदार होते हैं। सिर्फ तनाव ही नहीं नींद पूरी ना होने पर होने वाली थकावट भी कॉफी से दूर होती है। इतना ही नहीं कॉफी के अनोखे गुण में एक ये भी हैं कि, ये पार्किंसंस से परेशान लोगों के शरीर के लिए बेहद फायदेमंद है। बता दें कि, साइंस डेली पत्रिका के मुताबिक पार्किंसंस से जूझ रहे लोगों में कॉफी शरीर पर नियंत्रण बनाने में मददगार साबित होती है। इस स्टडी को करने वाले एक रिसर्चर रोनाल्ड पोस्टूमा के मुताबिक, "वे जो कॉफी के जरिए कैफीन लेते हैं उन्हें पार्किंसंस का कम खतरा होता है।"
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डिजिटल डेस्क,दिल्ली। कोविड महामारी पहली लहर के बाद दूसरी लहर में भी शिक्षा व्यवस्था चरमरा गई है। आए दिन कोई न कोई एग्जाम टल रहे है। इस बीच सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए खुशखबरी है। दरअसल, पश्चिम रेलवे ने ट्रेड अप्रेंटिस के पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिए है, जिसके तहत कुल 3591 पदों पर भर्ती की जाएगी और ये नियुक्तियां फिटर, वेल्डर, टर्नर, मशीनिस्ट, कारपेंटर, पेंटर, मैकेनिक, इलेक्ट्रिशियन, इलेक्ट्रॉनिक्स मैकेनिक, समेत विभिन्न ट्रेड के लिए की जाएगी। खास बात तो ये हैं कि, इस परीक्षा के लिए 10वीं पास कैंडिडेट्स भी अप्लाई कर सकते है।
जानकारी विस्तार से
रेलवे की ऑफिशियल वेबसाइट पर नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। कुल 3591 पदों के लिए भर्ती की जाएगी और इन सभी पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 25 मई से शुरु हो जाएगी। तो बिना देरी किए जो भी कैंडिडेट्स इच्छुक हो वो वेबसाइट पर जाकर 25 मई के बाद तुरंत आवेदन कर सकते है। इन पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तारीख 24 जून तय की गई है और इस www.rrc-wr.com के जरिए आप ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं।
बात अगर योग्यता की करें तो, इन पदों के लिए आवेदन कर्ता के पास किसी मान्यता प्राप्त संस्थान या बोर्ड से कम से कम 50 फीसदी अंकों के साथ 10वीं पास का सर्टिफिकेट होना अनिवार्य है। इसके अलावा कैंडिडेट्स के पास संबंधित ट्रेड में आईटीआई का, NCVT से मान्यता प्राप्त सर्टिफिकेट भी होना चाहिए। इन पदों के लिए अप्लाई करने वाले आवेदनकर्ता की उम्र कम से कम 15 और ज्यादा से ज्यादा 24 साल होनी चाहिए। इससे ज्यादा उम्र के विद्यार्थी आवेदन नहीं कर सकते है। साथ ही कैंडिडेट्स की आयु की गणना 24 जून 2021 से की जाएगी। आयु सीमा में छूट से जुड़ी ज्यादा जानकारी के लिए ऑफिशियल नोटिफिकेशन देखें।
अब आपके मन में सवाल होगा कि, आखिर इन पदों के लिए आपका सिलेक्शन प्रोसेस क्या होगा। तो बता दें कि, इन पदों के लिए आवेदन करने वाले कैंडिडेट्स का सिलेक्शन 10वीं और आईटीआई कोर्स में मिले अंको के आधार पर किया जाएगा। इसके लिए कैंडिडेट्स को किसी तरह की कोई परीक्षा और इंटरव्यू नहीं देना होगा और सिलेक्शन के बाद कैंडिडेट्स को नियम के मुताबिक ही स्टाइपेंड दिया जाएगा।
तो बिना किसी देर किए इच्छुक और योग्य कैंडिडेट्स इन पदों के लिए 25 मई से 24 जून तक ऑफिशियल वेबसाइट www.rrc-wr.com पर जाकर जल्दी से ऑनलाइन अप्लाई करें और ज्यादा जानकारी के लिए रेलवे की ऑफिशियल नोटिफिकेशन चेक करें।
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