शास्त्रों में 4 तरह की व्यवस्था, 1 दिन से लेकर पूरे साल किए जा सकते हैं श्राद्ध,12 तरह के होते हैं श्राद्ध, मांगलिक कार्यों के पहले नांदी श्राद्ध, कामना पूर्ति के लिए काम्य
ज्यादातर देशों में नई फसल आने और मौसम के परिवर्तन के समय याद किया जाता है पुरखों को,कहीं एक दिन तो कहीं 7 दिन तक चलता है फेस्टिवल, कोरिया जैसे देशों में रहती है छुट्टी