जो लोग अपने काम में बेईमानी करते हैं, उन्हें शुरुआत में तो सफलता मिल सकती हैं, लेकिन बाद में परेशानियां बढ़ने लगती हैं। जबकि ईमानदारी से काम करने वाले लोगों को शुरुआत में परेशानियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन बाद में इस गुण का अच्छा फल जरूर मिलता है। ये बात एक लोक कथा से समझ सकते हैं।
कथा के अनुसार पुराने समय में एक राजा वृद्ध हो गया था, उसके 10 बेटे थे। 10 राजकुमारों में अगला राजा कौन बनेगा, ये राजा को समझ नहीं आ रहा था। बहुत सोचने के बाद राजा ने राजकुमार को बुलाया सभी को एक-एक बीज दिया। राजा ने कहा, 'आप सभी ये बीज ले जाएं और अपना-अपना बीज गमले रोपने के बाद एक साल तक इसकी देखभाल करें। जिस राजकुमार का पौधा सबसे सुंदर और हरा-भरा रहेगा, मैं उसे अगला राजा घोषित करूंगा।
सबसे छोटा राजकुमार बहुत सीधा और ईमानदार था। उसने बीज को एक गमले में रोप दिया। बहुत देखभाल की, लेकिन वह बीज पनप ही नहीं पा रहा था। जबकि अन्य नौ राजकुमारों के बीजों से सुंदर-सुंदर पौधे उग आए थे। सभी राजकुमार अपनी-अपनी मेहनत से खुश थे, सिर्फ सबसे छोटा राजकुमार दुखी था।
जब एक साल पूरा हो गया तो सभी राजकुमार अपने-अपने गमले लेकर राजा के पास पहुंच गए। छोटा राजकुमार जो गमला लेकर आया उसमें पौधा था ही नहीं, क्योंकि उसका बीज पनप नहीं सका था। सभी राजकुमार छोटे भाई का मजाक उड़ा रहे थे। राजा ने सभी राजकुमारों के गमले देखे और सबसे छोटे राजकुमार को राजा घोषित कर दिया।
राजा का ये फैसला सुनकर सभी हैरान थे। तब राजा ने कहा कि मैंने आप सभी को जो बीज दिए थे। वे सभी बीज खराब थे। आप सभी ने अपना-अपना बीज बदलकर मुझे धोखा देने की कोशिश की है, लेकिन सबसे छोटे राजकुमार ने ईमानदारी से उसी बीज की देखभाल की और जब वह बीज नहीं पनपा, तब भी उसने बेईमानी नहीं की। एक ईमानदार व्यक्ति को ही राजा नियुक्त किया जा सकता है। इसीलिए मेरे बाद सबसे छोटा राजकुमार ही राजा बनेगा।
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Source From
RACHNA SAROVAR
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