चतुर्थी और बुधवार का शुभ संयोग बनने से बढ़ जाएगा व्रत और पूजा का फल
डिजिटल डेस्क जबलपुर । करवा चौथ व्रत पर आज 4 नवंबर को इस वर्ष बुधवार और चतुर्थी का योग बना रहा है। बुधवार 4 नवंबर को चंद्रोदय शाम 7.53 पर होगा। इसके साथ ही राजयोग सहित अनेक शुभ योग बन रहे हैं। करवा चौथ पर तिथि, वार, नक्षत्र और ग्रहों का महासंयोग बनने से व्रत और पूजा का पूरा फल मिलेगा। व्रत से पति-पत्नी में प्रेम बढ़ेगा और घर में सुख-समृद्धि बढ़ेगी। शुभ संयोग में पूजा होने से महिलाओं को रोग और शोक से छुटकारा मिल सकता है। इतने सारे शुभ संयोग होने से यह पर्व मनोकामनाएँ पूरी करने वाला रहेगा। पं. रोहित दुबे ने बताया कि करवा चौथ यानी सौभाग्य पर्व पर शिव, अमृत और सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहे हैं। साथ ही शंख, गजकेसरी, हंस और दीर्घायु नाम के राजयोग भी बन रहे हैं। पं. वासुदेव शास्त्री ने बताया कि करवा चौथ पर जब चंद्रमा और पति की पूजा की जाएगी। उस दौरान गोचर कुंडली में बृहस्पति दाम्पत्य जीवन के भाव में अपनी ही राशि के साथ रहेगा। यह सौभाग्य बढ़ाने वाली स्थिति है। इससे पर्व और भी शुभ हो जाएगा।
पं. राजकुमार शर्मा शास्त्री ने बताया कि बुधवार और चतुर्थी के संयोग में होने वाली गणेश पूजा का फल और बढ़ जाएगा। इस बार करवा चौथ व्रत मृगशिरा नक्षत्र में किया जा रहा है। इस नक्षत्र का स्वामी मंगल होने से यह व्रत समृद्धि बढ़ाने वाला रहेगा। इस दिन चतुर्थी तिथि में सूर्योदय और चंद्रोदय भी होगा।
महाभारत काल से चली आ रही परम्परा
कैलेण्डर का आठवाँ महीना कार्तिक होता है। पुराणों में इस महीने के लिए कहा गया है कि यह सौभाग्य और समृद्धि बढ़ाने वाला है। इस महीने के चौथे ही दिन करवा चौथ व्रत किया जाता है। महाभारत काल से यह व्रत किया जा रहा है। कृष्ण के कहने
पर द्रौपदी ने अर्जुन के लिए इस व्रत को किया था।
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Source From
RACHNA SAROVAR
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