आगरा (उप्र), 8 नवंबर (आईएएनएस)। भारत का सबसे बड़ा और पुराना उत्तर प्रदेश के बटेश्वर में लगने वाला 374 साल पुराना पशु मेला इस साल नहीं लगेगा। यह मेला साल 1646 से आयोजित किया जा रहा है।
आगरा के जिला मजिस्ट्रेट प्रभु एन.सिंह ने कहा, जिला परिषद को सूचित किया गया है कि कोविड-19 दिशानिर्देशों को ध्यान में रखते हुए बटेश्वर मेले के आयोजन की अनुमति नहीं दी जा सकती है। उत्तर भारत के लाखों लोग हर साल मेले में आते हैं। लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में इस तरह के कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी जा सकती है। लिहाजा सार्वजनिक हित को देखते हुए इस साल इस ऐतिहासिक मेले का आयोजन नहीं किया जाएगा।
ऐसी किंवदंती है कि राजा बदन सिंह ने यमुना की दिशा मोड़ने के लिए एक बांध बनवाया था ताकि वह हमेशा एक मंदिर से बहती रहे। इसके लिए उन्होंने भगवान शिव के अवतार बटेश्वर महादेव का मंदिर बनाया था। मंदिर परिसर में शिव को समर्पित 100 से अधिक मंदिर हैं, जो नदी के किनारे के अर्धचंद्राकार वक्र के किनारे लाइन से बने हुए हैं।
बटेश्वर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जन्मस्थली भी है।
एसडीजे/एसजीके
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RACHNA SAROVAR
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