आगरा, 4 अक्टूबर (आईएएनएस)। हाथरस सामूहिक दुष्कर्म और हत्या मामले में न्याय मांगने को लेकर नगर निगम के सफाई कर्मचारियों के एक वर्ग द्वारा जारी हड़ताल के कारण आगरा में कूड़ों का ढेर जमा हो गया है। वहीं कोविड-19 संक्रमण के कारण क्षेत्र में पहले से ही गंभीर स्वास्थ्य स्थिति बनी हुई है।
ताज शहर में प्रतिदिन 800 टन से अधिक कचरा पैदा होता है, जिसे एकत्र करने और लैंडफिल साइटों पर डंप करने की आवश्यकता होती है। हालांकि, पिछले तीन दिनों से स्वीपर और कूड़ा उठाने वाले हड़ताल पर हैं, जिससे कूड़ों का अंबार लग गया है।
नगर आयुक्त टीकाराम फुंडे ने कहा कि एमसी वर्कफोर्स का सिर्फ एक वर्ग विरोध कर रहा है। उन्होंने कहा, कुछ आउटसोर्स सफाई कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया गया है जबकि अन्य की पहचान कर ली गई है और उनसे सख्ती से निपटा जाएगा।
आंदोलनकारियों के एक वर्ग ने शनिवार को कोठी मीना बाजार मैदान के पास पुलिस पर पथराव भी किया।
शहर में पिछले 24 घंटों में 44 नए कोरोनावायरस मामलों की सूचना मिली है, जिससे संक्रमण के कुल मामले 5,895 और सक्रिय मामलों की संख्या 625 हो गई है। रिकवरी दर लगभग 85 प्रतिशत है।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि अभी शहर में 18 ब्लड बैंकों में खून की कमी सबसे बड़ी चिंता का विषय बनी हुई है, क्योंकि कोविड-19 के डर से लोग रक्तदान करने के लिए स्वेच्छा से आगे नहीं आ रहे हैं।
पिछले कुछ महीनों के आंकड़ों का विश्लेषण करने पर पता चलता है कि 60 से अधिक उम्र वाले लोगों की तुलना में 21 से 40 वर्ष के बीच के युवा अधिक संक्रमित हो रहे हैं।
क्षेत्र में 2 अक्टूबर तक करीब 2,545 कोरोनावायरस मरीज 21 से 40 वर्ष की आयु के थे, वहीं 41-60 आयु वर्ग में 1,970 और 60 से ऊपर 862 मरीज सामने आए थे।
एमएनएस-एसकेपी
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RACHNA SAROVAR
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