नई दिल्ली, 4 सितम्बर (आईएएनएस)। भारत में चीनी ऐप टिकटॉक पर प्रतिबंध लगाए जाने के साथ भले ही कंपनी के हाथ से एक बड़ा कारोबार निकल गया है, लेकिन यह अमेरिका में अपना बिजनेस खोने से ज्यादा नुकसानदेह नहीं है।
अमेरिकी मार्केट रिसर्च फर्म फॉरेस्टर ने इसकी जानकारी दी है।
कंपनी के वरिष्ठ विश्लेषक जियाओफेंग वांग के मुताबिक, डाउनलोड के मामले में भारत के बाद अमेरिका टिकटॉक का दूसरा सबसे बड़ा बाजार है। भारत में इसके करीब 12 करोड़ यूजर्स रहे हैं, जबकि अमेरिका में इसके यूजर्स की संख्या 10 करोड़ के आसपास है।
उन्होंने अपने एक बयान में कहा, लेकिन आय के मामले में अमेरिका का मार्केट कंपनी के लिए भारत से कहीं ज्यादा मायने रखती है।
फॉरेस्टर के विश्लेषण के मुताबिक, साल 2020 में सोशल मीडिया विज्ञापन की लागत अमेरिका में 3.7374 करोड़ डॉलर बैठी, जबकि भारत में यह आंकड़ा 16.73 लाख डॉलर के आसपास बैठता है।
चीन ने टिकटॉक की बिक्री के मामले में अमेरिका के बढ़ते हुए दबाव को देखते हुए तकनीक निर्यात कानून में बदलाव किए हैं जिससे संयुक्त राज्य में इसके कारोबार पर हो रही बातचीत पर फिर से एक बार रूकावट आ गई है। इस अपडेट में बाइटडांस द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) को शामिल किया गया है, जो टिकटॉक की मूल कंपनी है।
एएसएन/ जेएनएस
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RACHNA SAROVAR
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