रोज सुबह सूर्योदय के समय बिस्तर छोड़ देना चाहिए। सुबह देर तक सोने से आलस्य बढ़ता है, स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का भी सामना करना पड़ सकता है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार रोज सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठने परंपरा पुराने समय से चली आ रही है। ब्रह्म यानी परमात्मा, मुहूर्त यानी शुभ समय। इस समय में जागने और पूजन कर्म करने से धर्म लाभ मिलता है, सेहत अच्छी रहती है, पूरे दिन उत्साह और सकारात्मकता बनी रहती है, मन शांत रहता है।
सुबह-सुबह का वातावरण स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद रहता है
आजकल वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। दिनभर सड़कों पर वाहन दौड़ते हैं, धुआं छोड़ते हैं। इस वजह से वातावरण प्रदूषित रहता है। सुबह-सुबह के समय जागने का सबसे बड़ा लाभ ये है कि हमें साफ वातावरण में सांस लेने का मौका मिलता है। सुबह-सुबह की ताजी हवा हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद रहती है।
सूर्य को चढ़ाएं जल और करें ध्यान
रोज सुबह जल्दी उठकर सूर्य को जल चढ़ाना चाहिए। इसके लिए तांबे के लोटे का उपयोग करना चाहिए। जल चढ़ाने के साथ ही सूर्य के मंत्र ऊँ सूर्याय नम: का जाप करना चाहिए। उगते सूर्य के सामने बैठकर कुछ देर ध्यान करना चाहिए। ध्यान करने से मन शांत होता है और विचारों में सकारात्मकता बढ़ती है। मन शांत रहता है। क्रोध काबू होता है। दिनभर ऊर्जा बनी रहती है और हम अपने काम पूरी एकाग्रता के साथ कर पाते हैं।
ध्यान करते समय इन बातों का ध्यान रखें
मेडिटेशन के लिए साफ और स्वच्छ स्थान का चयन करना चाहिए। ध्यान के लिए किसी भी सुविधाजनक आसन में बैठ सकते हैं। मन शांत रखें और आंखें बंद करके पूरा ध्यान दोनों आंखों के बीच आज्ञा चक्र पर लगाएं। ध्यान करते समय कुछ सोचना नहीं चाहिए, वरना ध्यान का लाभ नहीं मिलता है।
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Source From
RACHNA SAROVAR
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