आगरा, 10 सितंबर (आईएएनएस)। ताज नगरी में कोरोना को लेकर एक बार फिर भय व्याप्त हो गया है। यहां केवल एक दिन में 96 मामले दर्ज हुए हैं और एक रोगी की मौत हो गई है।
डॉक्टरों का कहना है कि जैसे ही बाजार खुलते हैं और प्रतिबंध हटते हैं, ज्यादा लोगों में संक्रमण होने की आशंका बढ़ जाती है। वहीं जिला प्रशासन के लिए इन हालातों से निपटना मुश्किल हो रहा है।
एस.एन.मेडिकल कॉलेज में चिकित्सा का बुनियादी ढांचा खासा दबाव में है। यहां ऑक्सीजन, दवाओं की कमी है। निजी स्वास्थ्य क्षेत्र में वरिष्ठ चिकित्सक लगभग गायब हैं, सर्जरी बंद हैं और खतरे को देखते हुए महामारी से लड़ने के लिए प्रशिक्षित लोगों की बड़ी संख्या अपनी सेवाएं देने में अनिच्छुक है। इसी दौरान एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, दो पुलिस और एक पोस्ट-मास्टर का बुधवार को परीक्षण पॉजिटिव आया है।
शहर में अभी सक्रिय मामलों की संख्या 730 है। वहीं अब तक जांचे गए नमूनों की संख्या 1,39,432 है।
अलीगढ़, मथुरा, फिरोजाबाद में स्थिति गंभीर बनी हुई है, यहां हर दिन मामले बढ़ रहे हैं।
हालातों के मद्देनजर राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने जिला प्रशासन से सरकारी अस्पतालों में बेड की संख्या बढ़ाने को कहा है।
हालांकि निजी क्षेत्र के अस्पतालों ने अब कोविड-19 रोगियों को भर्ती करना शुरू कर दिया है, लेकिन इससे ओवरचाजिर्ंग और लापरवाही की शिकायतों की संख्या हर दिन बढ़ रही है। एक रोगी के परिजन ने कहा, उनके बिल देना सामान्य लोगों के लिए संभव नहीं है।
एसडीजे/जेएनएस
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RACHNA SAROVAR
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