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कमाई के चक्कर में निजी अस्पतालों में रैपिड टेस्ट करने जा रहे डेंटिस्ट, एक सैम्पलिंग में 2000 रुपए तक मिल रहे

फीवर क्लीनिक से रहतेे हैं नदारद, स्वास्थ्य विभाग को मिल रहीं शिकायतें
डिजिटल डेस्क जबलपुर ।
कोरोना की जाँच का सिस्टम फीवर क्लीनिक खुलने के बाद भी सही ढँग से काम नहीं कर पा रहा है। इसमें सबसे ज्यादा परेशानी संविदा पर रखे गए दंत चिकित्सक बन रहे हैं जो कि अधिक कमाई के चक्कर में अब निजी अस्पतालों में जाकर वहाँ रैपिड एंटीजन टेस्ट कर रहे हैं, इसके बदले उन्हें प्रति जाँच 2000 रुपए तक अस्पताल से मिल रहे हैं। पिछले दिनों एक निजी अस्पताल में कोरोना मरीजों की जानकारी लेने पहुँचे स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी द्वारा की गई पूछताछ में इस बात का खुलासा हुआ है। इस मामले में गड़बड़ी करने वाले चिकित्सकों की जानकारी एकत्र की जा रही है। 
अस्पताल से गहरी सैटिंग 
फीवर क्लीनिक में टेस्टिंग की शुरूआत होने से पहले ये सभी कोविड संकट में सैंपलिंग के लिए संविदा पर रखे गए ये दंत चिकित्सक विक्टोरिया अस्पताल में रहते थे। वहाँ से अधिकारियों के कहने पर ही वे घर, संस्थानों में टेस्ट करने जाते थे। इन चिकित्सकों की संख्या करीब 25 है, जो कि अब फीवर क्लीनिकों में सेवाएँ दे रहे हैं। इनकी प्रॉपर मॉनीटरिंग न होने की स्थिति में कोविड का इलाज करने वाले कुछ अस्पतालों ने इनके साथ गठजोड़ कर लिया है। वहाँ बुखार या अन्य कोरोना संबंधी लक्षण होने पर अस्पताल द्वारा वहीं जाँच की सुविधा दिलाने तथा तत्काल रिपोर्ट मिलने की बात कर टेस्ट का खर्च 4 से 5 हजार रुपए तक बताया जाता है। मरीज की सहमति होने पर डेंटिस्ट को फोन कर बुलाया जाता है, मरीज का रैपिड टेस्ट कर तत्काल ही रिपोर्ट बता दी जाती है। 
तुरंत रिपोर्ट मिलने का देते हैं लालच 
कोरोना को लेकर लोगों में डर है, मामूली लक्षण होने पर वह अस्पताल जाता है तो वहाँ सरकारी जाँच कराने पर रिपोर्ट 5-7 दिन में आने की बात की जाती है। फिर रैपिड टेस्ट में तुरंत रिपोर्ट की बात कर मरीज से कमाई की जा रही है। इसमें डेंटिस्ट और अस्पताल का हिस्सा पहले से ही तय होता है। रैपिड एंटीजन किट से जाँच सिर्फ स्वास्थ्य विभाग के द्वारा ही कराई जा रही है, जाँच करने वाले डेंटिस्ट कमाई के चक्कर में यह गलत काम कर रहेे हैं। 
ऐसे हुआ खुलासा 8 स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी गत दिवस कोरोना मरीजों का इलाज करने वाले निजी अस्पताल पहुँचे। वहाँ स्टाफ से भर्ती मरीजों के साथ ही उनके पॉजिटिव आने की तारीख की जानकारी ली। उसी दिन भर्ती मरीजों द्वारा सैंपल देने व रिपोर्ट आने की जानकारी लेने पर स्टाफ हड़बड़ी में तत्काल वाली जाँच होने की बात कर गया। मरीज से चर्चा में जाँच के एवज में चार हजार रुपए लिए जाने की बात का खुलासा हुआ, इस मामले में अब डेंटिस्टों की खुफिया जानकारी विभाग जुटा रहा है। 
 



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Dentists going for rapid tests in private hospitals, earning up to Rs 2000 in a sampling
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Source From
RACHNA SAROVAR
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