हम जब भी किसी नई जगह घर बनाते हैं या खरीदते हैं तो वहां चाणक्य द्वारा बताई गई एक नीति का ध्यान रखेंगे तो भविष्य कई तरह की परेशानियों से बच सकते हैं।
चाणक्य नीति के पहले अध्याय के आठवें श्लोक में लिखा है कि-
यस्मिन देशे न सम्मानो न वृत्तिर्न च बांधव:।
न च विद्यागमोऽप्यस्ति वासस्तत्र न कारयेत्।।
इस श्लोक में 5 ऐसी बातें बताई गई हैं, जिनका ध्यान नई जगह घर बनाते समय या नया घर खरीदते समय ध्यान रखना चाहिए। चाणक्य कहते हैं जिस जगह सम्मान, रोजगार, कोई दोस्त या रिश्तेदार, शिक्षा के साधन न हो, वहां घर बनाने से बचना चाहिए। जिस क्षेत्र के लोगों में कोई गुण न हो, वहां घर नहीं बनाना चाहिए। ऐसी जगह को तुरंत छोड़ देना चाहिए।
जिस जगह हमारे मित्र और रिश्तेदार रहते हैं, जहां के लोग गुणवान हैं, जहां रोजगार और शिक्षा के साधन हैं, जहां मान-सम्मान मिलता है, वहां घर बनाना चाहिए। ये सभी बातें हमें बुरे समय बचा सकती हैं।



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Source From
RACHNA SAROVAR
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