जेनेवा, 1 सितम्बर (आईएएनएस)। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के महानिदेशक ट्रेडोस अधानोम घेब्रेसस ने कहा है कि वह बच्चों को विद्यालयों में लौटते हुए, लोगों को काम पर वापस जाते हुए देखना चाहते हैं, लेकिन इसी के साथ किसी भी देश का बर्ताव ऐसा नहीं होना चाहिए जैसे कि महामारी खत्म हो गई हो।
सिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार को जेनेवा में एक वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अगर कोई देश स्थिति को सामान्य करने की दिशा में वाकई में गंभीर है तो उन्हें वायरस के संचरण पर रोक लगाना होगा और जिंदगियां बचानी होंगी।
ट्रेडोस ने कहा, बिना किसी नियंत्रण के चीजों को खोलना तबाही को आमंत्रित करने जैसा है।
उन्होंने चार ऐसी महत्वपूर्ण चीजों पर दबाव दिया जिन्हें करने की आवश्यकता है - बड़े पैमाने पर आयोजित किए जाने वाले समारोहों पर रोक, लोगों द्वारा अपनी जिम्मेदारी को निभाया जाना, संक्रामक व्यक्ति का पता लगाने के लिए सरकार द्वारा उचित कदम उठाना, उन्हें ढूंढ़कर आइसोलेट करना, जांच करना, देखभाल करना और साथ ही किसी के संक्रमित होने की दिशा में नजर रखना।
इस बीच, डब्ल्यूएचओ द्वारा 100 से अधिक देशों में एक सर्वेक्षण किया गया जिसमें से 90 फीसदी राष्ट्रों में देखा गया कि इस महामारी के दौरान वहां के लोगों ने स्वास्थ्य सेवाओं में व्यवधान का अनुभव किया है।
सोमवार को इस सम्मेलन में ट्रेडोस ने कहा कि इस सर्वेक्षण के मुताबिक, कम और मध्यम आय स्तर वाले देशों के लोग इससे ज्यादा प्रभावित हुए हैं।
उन्होंने कहा, सर्वेक्षण से पता चलता है कि आवश्यक सेवाओं के लिए 70 प्रतिशत तक सेवाएं बाधित हुई हैं जिनमें नियमित टीकाकरण, गैर-संचारी रोगों के लिए उपचार, परिवार नियोजन और गर्भनिरोधक, मानसिक स्वास्थ्य विकारों का निदान और कैंसर इत्यादि शामिल रहे हैं।
ट्रेडोस ने आगे कहा, हालांकि, सिर्फ 14 प्रतिशत देश ही ऐसे रहे हैं जहां उपयोगकर्ता शुल्क या यूजर फीस में छूट दी गई, जिसके लिए सुझाव संगठन पहले ही दे चुका है ताकि लोगों को आर्थिक रूप से जिस नुकसान का सामना करना पड़ा है, उसकी भरपाई हो सके ।
उन्होंने आगे यह बताया कि डब्ल्यूएचओ देशों के साथ मिलकर उन्हें अपना सहयोग देना जारी रखेगा ताकि वे अपने यहां आवश्यक सेवाएं बरकरार रख सकें।
एएसएन-एसकेपी
.Download Dainik Bhaskar Hindi App for Latest Hindi News.
Source From
RACHNA SAROVAR
CLICK HERE TO JOIN TELEGRAM FOR LATEST NEWS

.
Post a Comment