अश्विन महीने की शुरुआत 2 सितंबर से हो रही है। जो कि 31 अक्टूबर तक रहेगा। इस बार ये महीना 30 नहीं बल्कि 60 दिन का रहेगा। इस वजह से इन दिनों 2 की जगह 4 एकादशी व्रत होंगे और 1 की बजाय 2 पूर्णिमा आएंगी। अधिकमास के कारण ऐसा होगा। अधिकमास सौरवर्ष और चांद्रवर्ष के बीच के अंतर को दूर करने की व्यवस्था है। ये उसी तरह है जिस तरह अंग्रेजी कैलेंडर में हर चौथे साल लीप ईयर आता है।
- पंचाग के अनुसार इस साल अश्विन माह का अधिकमास होगा। यानी दो अश्विन माह होंगे। अधिकमास के कारण इस साल दशहरा 26 अक्टूबर और दीपावली 14 नवंबर को मनाई जाएगी। अधिकमास 18 सितंबर से शुरू होगा और 16 अक्टूबर तक रहेगा। स्कंदपुराण और विष्णु पुराण के अनुसार अधिकमास में तीज-त्योहार और पर्व नहीं मनाए जाते हैं। इस महीने में भगवान के भजन, पूजा-पाठ और जप किए जाने का विधान है।
अश्विन महीने के तीज-त्योहार
शनिवार, 5 सितंबर को संकष्टी गणेश चतुर्थी है। इस तिथि पर गणेशजी के व्रत किया जाता है।
रविवार, 13 सितंबर को इंदिरा एकादशी है। इस दिन भगवान विष्णु के लिए व्रत-उपवास किए जाते हैं। एकादशी पर विष्णुजी के साथ ही महालक्ष्मी और तुलसी की विशेष पूजा करनी चाहिए।
गुरुवार, 17 सितंबर को सर्वपितृ मोक्ष अमावस्या है। इस तिथि पर सभी पितरों के लिए श्राद्ध-तर्पण आदि पुण्य कर्म करना चाहिए।
शुक्रवार, 18 सितंबर को अधिकमास शुरू हो जाएगा। इसे पुरुषोत्तम महीना भी कहा जाता है। इन दिनों में भगवान विष्णु की विशेष पूजा की जाती है।
रविवार, 20 सितंबर को अधिकमास की विनायकी चतुर्थी है। इस तिथि पर गणेशजी की पूजा और व्रत किया जाएगा।रविवार, 27 सितंबर को अधिकमास की दूसरी एकादशी है। इसे कमला एकादशी कहा जाएगा।
गुरुवार, 1 अक्टूबर को अश्विन महीने की पहली पूर्णिमा रहेगी।
सोमवार, 5 अक्टूबर को अश्विन महीने में दूसरी बार संकष्टी चतुर्थी व्रत किया जाएगा।
मंगलवार, 13 अक्टूबर को अश्विन महीने की तीसरी एकादशी रहेगी। इसे परम एकादशी कहा जाएगा।
शुक्रवार, 16 अक्टूबर को अधिकमास खत्म हो जााएगा।
शनिवार, 17 अक्टूबर से देवी दुर्गा का महापर्व नवरात्र शुरू हो रहा है। इस दिन घट स्थापना की जाएगी।
मंगलवार, 20 अक्टूबर को अश्विन महीने की दूसरी विनायकी चतुर्थी रहेगी। मंगलवार होने से ये अंगारकी चतुर्थी रहेगी।शनिवार, 24 अक्टूबर को महाष्टमी है। इस तिथि पर देवी दुर्गा के महागौरी स्वरूप की पूजा की जाती है।
रविवार, 25 अक्टूबर को महानवमी है। इस नवरात्रि की समाप्ति होगी और देवी दुर्गा के सिद्धिदात्री स्वरूप की पूजा की जाती है।
सोमवार, 26 अक्टूबर को दशहरा मनाया जाएगा। नए वाहन खरीदारी के लिए ये दिन शुभ मुहूर्त होता है।
मंगलवार, 27 अक्टूबर को पापांकुशा एकादशी है। इस तिथि भगवान विष्णु के अवतारों की पूजा करनी चाहिए।
शनिवार, 31 अक्टूबर को आश्विन मास का अंतिम दिन यानी शरद पूर्णिमा है।
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Source From
RACHNA SAROVAR
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