लखनऊ, 25 अगस्त (आईएएनएस)। आप और शिवसेना ने उत्तर प्रदेश के दिवंगत मंत्री चेतन चौहान की मौत की परिस्थितियों की जांच कराए जाने की मांग की है। चौहान की 16 अगस्त को कोविड-19 से मौत हो गई थी।
आप सांसद संजय सिंह ने लखनऊ के पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर मांग की है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना और एसजीपीजीआई के निदेशक डॉ.आर.के. धीमान के खिलाफ इलाज में लापरवाही बरतने के लिए एफआईआर दर्ज की जाए।
बता दें कि गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में स्थानांतरित किए जाने से पहले चौहान का इलाज संजय गांधी पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एसजीपीजीआई) लखनऊ में चल रहा था।
दूसरी ओर शिवसेना की राज्य इकाई ने चेतन चौहान की मौत के मामले में सीबीआई जांच की मांग की है। साथ ही उन्हें लखनऊ से गुरुग्राम स्थानांतरित करने की परिस्थितियों पर भी सवाल उठाया है।
शिवसेना के एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मुलाकात कर उन्हें इस संबंध में एक ज्ञापन सौंपा। अपने बयान में शिवसेना ने कहा, वो क्या परिस्थितियां थीं कि दिवंगत मंत्री चेतन चौहान को लखनऊ के एसजीपीजीआई से गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में शिफ्ट करना पड़ा? क्या सरकार को एसजीपीजीआई जैसे प्रतिष्ठित संस्थान पर भरोसा नहीं है?
बयान में आगे कहा गया, मंत्री एसजीपीजीआई के डॉक्टरों और कर्मचारियों के रवैये से आहत थे। अब तक दोषी डॉक्टरों और कर्मचारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। सरकार सोती रही और दो मंत्रियों ने कोविड -19 के कारण दम तोड़ दिया।
बता दें कि इससे पहले शनिवार को विधान परिषद में समाजवादी पार्टी के एमएलसी सुनील सिंह साजन ने आरोप लगाया था कि चौहान की मौत कोविड -19 की वजह से नहीं, बल्कि एसजीपीजीआई में उनके इलाज में हुई लापरवाही के कारण हुई है। चौहान के साथ उसी वार्ड में भर्ती रहे साजन ने कहा कि चिकित्सा कर्मचारियों ने चौहान के साथ दुर्व्यवहार किया था।
एसडीजे-एसकेपी
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RACHNA SAROVAR
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